मेरे लफ्जों से शब्दों तक,
कुछ बातें चली आती है,
कुछ तेरे बारे में बताती है,
कुछ मेरे बारे में कह जाती हैं ।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
कुछ बातें चली आती है,
कुछ तेरे बारे में बताती है,
कुछ मेरे बारे में कह जाती हैं ।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
हसीन लम्हों की दास्तां,
तो कभी उन्से हुए राब्ता,
यह भूले ना बुलाती है।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
कुछ रूठने की यादें,
तो कुछ यादों में वादे,
यह लुत्फ-ए-हयात दे जाती है।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
अब उन लम्हों को रोता हूं,
ना जागु, ना सोता हूं,
क्यों दास्तां यह बन जाती है।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
सागर दिल छोड़ ना तू,
यह यादें यूं तोड़ ना तू,
यही तो मोहोबत कहलाती है।
मेरे लफ्जो से शब्दों तक
कुछ बातें चली आती हैं ।
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👍🙏
ReplyDeleteSo nice
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