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कुछ तो कहने को है।


आप देखते जाना, 
मेरी हदो की भी अब हद पार होगी.,
एक शुरुआत ही तो की है अभी, 
फिर तेरी महफिलों में ही मेरी बात,हर बार होगी।
सागर लक्ष्य

दोस्तों से भी हैरान हूं मैं आज...
तारीफ़े भी कमियां बताकर करने लगे हैं।
सागर लक्ष्य

मेरी नाराजगी इतनी ही गहरी है जितना मेरा प्यार।
मेरी नफरत भी उतनी ही गहरी है जितना मेरा यार। 
सागर लक्ष्य

हम करीब अपनी मर्जी से आए थे, 
मगर दूर तेरे इरादों से होंगे। 
सागर लक्ष्य

कब तक गैरों को ताज थमाते रहोगे ए वीरो, तुम्हारे भी महाराजा हुआ करते थे उस जमाने में | 
सागर लक्ष्य

जिंदगी खत्म होने से पहले, कुछ कर चलते हैं यारों...।
मैंने देखा है, अधूरे सपनों से मरते हुए लोगों को...।

सागर लक्ष्य एडवोकेट

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